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May 12, 2025

याचना नहीं, अब रण होगा!

 

याचना नहीं, अब रण होगा!



राष्ट्रकवि स्वर्गीय रामधारी सिंह जी ‘दिनकर’ राष्ट्र की ऐसी विभूति थे कि मैं उनके संबंध में क्या कहूँ! आज बड़े विनम्र भाव से उनकी एक प्रसिद्ध कविता शेयर कर रहा हूँ, जिसमें प्रसंग यह है कि योगिराज श्रीकृष्ण जी पांडवों की ओर से दुर्योधन के पास शांति का प्रस्ताव लेकर जाते हैं लेकिन वह मूर्ख उनको बांधने का प्रयास करता है|

प्रसंग तो आप सभी को ज्ञात होगा ही, एक बार फिर से उस स्वर्णिम अध्याय का स्मरण कर लेते हैं|

लीजिए आज प्रस्तुत है, राष्ट्रकवि स्वर्गीय रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की यह अमर रचना –

Mar 19, 2024

Bas ek bar mujhko sarkar banane do

 बस एक बार, बस एक बार मुझको सरकार बनाने दो...






जो बुढ्ढे खूसट नेता हैं, उनको खड्डे में जाने दो

बस एक बार, बस एक बार मुझको सरकार बनाने दो।


मेरे भाषण के डंडे से

भागेगा भूत गरीबी का।